कोरोना वायरस: चिकन खाने, गर्मी आने से क्या बदलेगा?
कोरोना वायरस दुनिया के कई देशों के बाद अब भारत में भी दस्तक दे चुका है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा, ''अब तक भारत में कोरोना वायरस के 28 मामले सामने आ चुके हैं.'' ये मामले केरल, तेलंगाना, जयपुर और दिल्ली में सामने आए हैं. इन लोगों को निगरानी पर रखा गया है.
दुनियाभर में कोरोना की वजह से तीन हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे ज़्यादा प्रभावित चीन रहा है.
सावधानी बरतते हुए भारत में भी सरकारों ने कुछ क़दम उठाए हैं लेकिन आम लोगों के बीच कोरोना को लेकर कई सवाल हैं.
इन्हीं सवालों का जवाब आप तक पहुंचाने के लिए बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राजन शर्मा से बात की.
कोरोना वायरस ज़्यादातर मामलों में एक-दूसरे को छूने से फैलता है.
कोरोना वायरस का पता लगने पर मरीज़ों को अलग रखा जाता है, छोटे-छोटे ग्रुप्स में.
कोरोना आमतौर पर बच्चों को प्रभावित नहीं करता है.
जिन लोगों की उम्र 58 से ज़्यादा होती है, कोरोना का असर ऐसे बुजुर्गों पर ज़्यादा होता है.
गांव-देहात में कोरोना वायरस के फैलने की आशंका कम ही है. ये एक शहरी बीमारी है. हर खांसी, ज़ुकाम कोरोना वायरस नहीं हो सकता है.
मौसम बदलने के साथ ही कोरोना पर क़ाबू पाया जा सकता है.
कोरोना वायरस का कोई फ़ौरी इलाज नहीं है. अगर आपको कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो फ़ौरन डॉक्टर को दिखाएं.
चिकन खाने से कोरोना वायरस होने जैसी बातें सच नहीं हैं. भारत में जैसे खाना पकाया जाता है, उससे किसी वायरस के बचने की संभावना कम ही है. चिकन या अंडा खाने से कोई दिक़्क़त नहीं है.
गर्मी आने पर कोरोना वायरस कम हो जाएगा. जैसे ही तापमान बढ़ेगा कोरोना वायरस का असर कम हो जाएगा.
सरकार ने जहां कोरोना सेंटर बनाए हैं, वहां लक्षण महसूस होने पर दिखाइए.
इंडिया में इतने धार्मिक मेले होते हैं, लोगों की भीड़ जुटती है. लेकिन कभी कोई वायरस नहीं फैलता है.
अगर कोरोना से बचाव की बात करें तो थ्री-लेयर्ड मास्क होते हैं. दूसरा मास्क N-51 होता है. आम लोग साधारण सर्जिकल मास्क भी पहन लें तो ठीक रहेगा.
3 मार्च को कोरोना वायरस की वजह से नोएडा के स्कूलों को बंद करने की ख़बरें मीडिया के एक तबक़े ने चलाई थी.
ऐसे में क्या कोरोना का असर स्कूली बच्चों पर भी हो सकता है और सावधानी बरतने के लिए क्या किया जा रहा है.
इन्हीं सवालों के साथ बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी ने नोएडा के सीएमओ अनुराग भार्गव से बात की.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा, ''अब तक भारत में कोरोना वायरस के 28 मामले सामने आ चुके हैं.'' ये मामले केरल, तेलंगाना, जयपुर और दिल्ली में सामने आए हैं. इन लोगों को निगरानी पर रखा गया है.
दुनियाभर में कोरोना की वजह से तीन हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे ज़्यादा प्रभावित चीन रहा है.
सावधानी बरतते हुए भारत में भी सरकारों ने कुछ क़दम उठाए हैं लेकिन आम लोगों के बीच कोरोना को लेकर कई सवाल हैं.
इन्हीं सवालों का जवाब आप तक पहुंचाने के लिए बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राजन शर्मा से बात की.
कोरोना वायरस ज़्यादातर मामलों में एक-दूसरे को छूने से फैलता है.
कोरोना वायरस का पता लगने पर मरीज़ों को अलग रखा जाता है, छोटे-छोटे ग्रुप्स में.
कोरोना आमतौर पर बच्चों को प्रभावित नहीं करता है.
जिन लोगों की उम्र 58 से ज़्यादा होती है, कोरोना का असर ऐसे बुजुर्गों पर ज़्यादा होता है.
गांव-देहात में कोरोना वायरस के फैलने की आशंका कम ही है. ये एक शहरी बीमारी है. हर खांसी, ज़ुकाम कोरोना वायरस नहीं हो सकता है.
मौसम बदलने के साथ ही कोरोना पर क़ाबू पाया जा सकता है.
कोरोना वायरस का कोई फ़ौरी इलाज नहीं है. अगर आपको कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो फ़ौरन डॉक्टर को दिखाएं.
चिकन खाने से कोरोना वायरस होने जैसी बातें सच नहीं हैं. भारत में जैसे खाना पकाया जाता है, उससे किसी वायरस के बचने की संभावना कम ही है. चिकन या अंडा खाने से कोई दिक़्क़त नहीं है.
गर्मी आने पर कोरोना वायरस कम हो जाएगा. जैसे ही तापमान बढ़ेगा कोरोना वायरस का असर कम हो जाएगा.
सरकार ने जहां कोरोना सेंटर बनाए हैं, वहां लक्षण महसूस होने पर दिखाइए.
इंडिया में इतने धार्मिक मेले होते हैं, लोगों की भीड़ जुटती है. लेकिन कभी कोई वायरस नहीं फैलता है.
अगर कोरोना से बचाव की बात करें तो थ्री-लेयर्ड मास्क होते हैं. दूसरा मास्क N-51 होता है. आम लोग साधारण सर्जिकल मास्क भी पहन लें तो ठीक रहेगा.
3 मार्च को कोरोना वायरस की वजह से नोएडा के स्कूलों को बंद करने की ख़बरें मीडिया के एक तबक़े ने चलाई थी.
ऐसे में क्या कोरोना का असर स्कूली बच्चों पर भी हो सकता है और सावधानी बरतने के लिए क्या किया जा रहा है.
इन्हीं सवालों के साथ बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी ने नोएडा के सीएमओ अनुराग भार्गव से बात की.
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